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Ragging का Shikar हुई पल्लवी ( Himachal Ragging Case )

Ragging का Shikar हुई पल्लवी ( Himachal Ragging Case )


Ragging का Shikar हुई पल्लवी ( Himachal Ragging Case )



इस आर्टिकल में यह बताया गया है कि आज जो दुनिया का माहौल चल रहा है जब हम अपने बच्चों को बड़े-बड़े कॉलेज और यूनिhttps://www.crimestalk.com/2026/01/ragging-shikar-himachal-ragging-case.htmlवर्सिटी में भेजते हैं तो वहां बड़े क्लासों की छात्रा और छात्राएं किस तरह से उन पर बताना करते हैं और किस तरह से उन्हें टॉर्चर करते हैं इस टॉर्चर की वजह से और स्कूल के एक प्रोफेसर की वजह से किस तरह से एक बच्ची डिप्रेशन में चली जाती है और उसकी मृत्यु हो जाती है



Paragraph 


Himachal Ragging Case 


19 साल की पल्लवी सीधी साधी लड़की थी जो 12th पास करने के बाद कांगड़ा के धर्मशाला डिग्री कॉलेज में अपना एडमिशन B A में करवाती है शुरुआत में सब सामान्य था फिर कॉलेज जाना उसने कम कर दिया था 2025 में बा फर्स्ट ईयर में फेल हो गई थी जिसकी वजह किसी को पता नहीं थी भाई का कहना है कि बहन पल्लवी सिर्फ एक नंबर से फेल हुई थी 21 अगस्त को कॉलेज ने उसका नाम काट दिया गया उससे कहा गया रिवैल्युएशन फॉर्म भरे उसने फॉर्म भरा और फिर से कॉलेज को दोबारा कॉलेज ज्वाइन किया और कॉलेज गई तो उसे प्रोफेसर ने क्लास में बैठने नहीं दिया और काफी बेज्जती की पल्लवी जब कॉलेज ज्वाइन करती है 


 Ragging का Shikar हुई पल्लवी 

 18 सितंबर से कॉलेज में उसकी रैगिंग शुरू हो जाती है रैगिंग में छात्राएं को मारा पीटा और टॉर्चर किया जाता था उसी तरह से पल्लवी को भी मारा पीटा और टॉर्चर किया गया रैगिंग के नाम पर लड़की को इतना माइन्डिली डिस्टर्ब किया कि वह डिप्रेशन का शिकार हो गई हर रोज एक नई तरीके से सताते लड़की यह सारी टॉर्चर बर्दाश्त करते-करते डिप्रेशन में रहने लगी पल्लवी ने बताया कि कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार उसका यौन शोषण भी करते थे उसे इधर-उधर टच किया करते थे और गंदी-गंदी बातें भी करते थे इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी शायद इसी डर से पल्लवी घर वालों यानी माता-पिता को और दोस्तों को कुछ नहीं बता पाती थी वह अंदर ही अंदर कुर्ङती रहती थी उसके साथ यह सारी चीज हो रही थी और वह अपने दिल की बात किसी से बात नहीं सकती थी दिन प्रतिदिन यह सब सहते सहते उसकी सहनशक्ति जवाब दे देती है और वह इतनी गहरी डिप्रेशन में चली जाती है कि उसके घर वाले एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर उसे दौड़ते रहते हैं Ragging का Shikar हुई पल्लवी ( Himachal Ragging Case )




DAYANAND मेडिकल कॉलेज 

टांडा मेडिकल कॉलेज से लुधियाना के डायना नोट में मेडिकल कॉलेज उसे ले जाया गया 6 दिसंबर को वह अंतिम सांसों को भी छोड़ गई 3 महीने तक वह अस्पताल में थी और अपनी जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रही थी ( Himachal Ragging Case )मरने से पहले पल्लवी ने एक वीडियो बनाई थी जिसमें उसने सारी बातें बताई थी 20 नवंबर को जब पल्लवी की हालत गंभीर हुई तो उसके परिवार वालों ने C M  नंबर 1100 पर कॉल किया और प्रशासन को लड़की की सारी आप बीती कहानी बताई तो प्रशासन ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई और ना ही कोई कार्रवाई की लड़की  यह दर्द सहकर चली गई पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया लड़की की मृत्यु के बाद हिमाचल के लोगों का गुस्सा फूटा और वह सड़कों पर आए तो पुलिस ने कार्रवाई शुरू की प्रोफेसर अशोक कुमार और छात्राओं पर केस दर्ज कर लिया गया है लड़की के पिता का कहना है कि कॉलेज के प्रिंसिपल बात दबाने की कोशिश कर रहे हैं और परिवार वालों पर दबाव भी बना रहे हैं 


दोस्तों आज भी बड़े-बड़े कॉलेज में नए बच्चों के साथ रैगिंग के नाम पर शोषण किया जा रहा है क्या कॉलेज यूनिवर्सिटी बच्चों के लिए सही कर रही है वह एक्शन क्यों नहीं लेते हैं क्या एक्शन लेने में यह असमर्थ है आप हमें राय जरुर दें

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