मुस्लिम लड़की की सीख से हुई शादी और चार बच्चे
Crime 1947
मुस्लिम लड़की की सीख से हुई शादी और चार बच्चे
Crime 1947
1947 यह वह साल था जिसने बहुत से खूनी रिश्तो को दूर कर दिया और बहुत से परिवार में इतनी लंबी जुदाई डाल दी कि मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया पटियाला का एक गांव वहां का एक मुस्लिम परिवार इस पार्टीशन के वक्त पाकिस्तान आ रहा था
रास्ते में हिंदुओं ने हमला किया इस परिवार में से एक बच्ची जिसका नाम बीवी था जिसकी उम्र 19 साल थी उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया गया लड़की बहुत खूबसूरत थी मन को गोली लगी थी इसके साथ जो लोग थे वह मां को बहुत मुसीबत से बचकर अपने साथ पाकिस्तान ले गए और लड़की को हमलावर होने अगवा कर लिया मां पाकिस्तान चली गई और बेटी हिंदुस्तान में ही सीख के परिवार के साथ रह गई मां अपनी बेटी को बहुत ज्यादा याद करती की ना मालूम जिंदा है या मर गई ना मालूम उसके साथ क्या हुआ होगा
इसका कुछ परिवार हिंदुस्तान में था कुछ दिनों किसी तरह से मां ने उन रिश्तेदारों को खबर भेजी मेरी बेटी के बारे में मालूम करें शायद वह जिंदा हो या अगवा करके ले गए तो मालूम करके बताएं तो हम उसको छुड़ाने कीकोशिश करें रिश्तेदारों को जहां तक पहुंच थी ढूंढा लेकिन बीवी का कुछ पता नहीं चला वक्त गुजरता गया अब 40 साल हो गए थे मां बेटी के गम में टूट चुके थे और बूढी हो गई थी उधर लड़की को एक सीखने अगवा किया था और उससे शादी कर ली थी
उन दोनों से उनके तीन बेटे और एक बेटी थी बेटी की शादी हो गई थी बड़ा बेटा जिसका नाम अजीत था उसकी भी शादी हो चुकी थी उसकी सारी कहानी का पता चल चुका था कि मेरी मां एक मुस्लिम फैमिली से हैं और मेरे बाप ने अगवा करके शादी की है
यह सारी बातें मालूम होने के बाद उसको भी यह ख्वाहिश हुई कि मेरी मां अपने परिवार से मिले दूसरी तरफ बीवी की मन बिल्कुल बूढी हो चुकी थी लेकिन उसको यह ख्वाहिश थी कि मरने पहले बेटी से मिल लो इन लोगों ने अपने जिन रिश्तेदारों से अपनी बेटी को तलाशने के लिए कहा था उन लोगों को बीवी से मुलाकात हुई तो बीवी ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया फिर उन लोगों ने अपने नाम बताएं जो अब बूढ़े हो चुके थे तो बीवी ने उन्हें पहचान लिया और यह फैमिली पाकिस्तान खबर भेजिए कि आपकी बेटी जिंदा है
उसका शौहर पुलिस वालाहै चार बच्चे हैं बीवी रिश्तेदारों से मिलने के बाद अपने घर गई तो बड़े बेटे अजीत ने पूछा मां कहां गई थी तो बीवी ने सारी बातें बता दी अजीत ने मां से कहा मां उनको अपने घर क्यों नहीं लाई मां ने कहा अब अगर आए तो जरूर लाऊंगी अब एक महीने के बाद फिर वह लोग आए तो उन लोगों ने खूब खातिरदारी की
उधर जब सब लोग मर गए थे तो बीवी की मां कीवहां के लोगों ने दूसरी शादी कराई थी और उनसे दो बेटे थे बीबी की मां और भाई को जब रिश्तेदारों के जरिए यह खबर मिली की बीवी अभी जिंदा है तो उन लोगों ने इंडियन एंबेसी से वीजा अप्लाई किया तो इन्हें पंजाब का वीजा नहीं मिला उन्होंने बहुत कोशिश की उधर अजीत को खबर मिलती है
कि उसकी नानी और मामू को वीजा नहीं मिला तो उसने कहा मैं खुद अपनी मां को लेकर पाकिस्तान जाऊंगा यहां के लोगों ने अजीत को बहुत डराया के 1947 का बदला तुमसे लिया जाएगा तुम लोगों ने उनकी लड़की अगवा करके शादी की थी तुम्हें मार दिया जाएगा अजीत यह सब बातें सुनकर डर गया
और डेट आगे बढ़ती गई आखिर एक दिन अजीत के बहनोई ने उसे समझाया कि अगर तू एक मां बेटी को मिलने में मर भी गया तो स्वर्ग में जाएगा अजीत किसी तरह पाकिस्तान अपनी मां को लेकर पहुंचा घर का दरवाजा खटखटाया और कहा मैं अजीत इंडिया से मां बेटी आमने-सामने थी और वह मंजर सामने आ गया जब बेटी को छीना गया था दोनों लिपटकर खूब रोई अब यह यहां रुके अजीत के अंदर एक डर था कि कहीं यह लोग मुझे कत्ल ना कर दें 3 महीने यह लोग वहा रहे और फिर वापस इंडिया चले आए।
https://www.crimestalk.com/2025/09/blog-post_27.html


1 टिप्पणियाँ
Ok
जवाब देंहटाएं