रिंकू ने मुस्लिम पत्नी के लिए जिंदा मां को और बाप को तीन टुकड़े में काटकर 6 बोरी एक पन्नी में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया
(Crime Jaonpur)
![]() |
Rinku ne Muslim Patni ke Liye Zinda Maa ke Aari se 3 Tukde karke Nadi Me Pheka
इस आर्टिकल में एक लड़के की कहानी बताई गई है जो रियल है लड़के ने मां-बाप के बिना मर्जी के लव मैरिज की और मां-बाप ने जब दबाव बनाया कि उसे तलाक दे दो और मां-बाप ने बहुत ज्यादा लड़के को टॉर्चर किया लड़का अपना आपा खो देता है और वह गुस्से में अपने मां-बाप को काटकर नदी में फेंक देता है.
Paragraph
रोज भैया भाभी से बात करती थी
यह कहानी शुरू होती है 2019 यानी लॉकडाउन से उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर का थाना जाफराबाद के एक गांव अहमदपुर की घटना है बनारस में रहने वाली शकुंतला हर रोज अपनी भैया भाभी से फोन पर बात करती थी 9 दिसंबर 2025 को जब शकुंतला ने अपनी भाभी के पास सुबह 7:00 बजे फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ था थोड़ी देर इंतजार करने के बाद फिर कॉल किया तो फिर भी फोन स्विच ऑफ था फिर उसने अपने भैया को फोन लगाया तो उनका नंबर भी बंद था वह पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी देर से फोन करती रही पर फोन बंद ही था.
दोनों का फोन बंद था
अगले दिन 10 दिसंबर को भी फोन करती हैं तब भी फोन बंद ही जा रहा था 11 दिसंबर को जब फोन बंद ही रहता है तो शकुंतला अपने भतीजे अंबेश उर्फ रिंकू को फोन लगाती है और कहती हैं कि बेटा अपनी मम्मी से मेरी बात कर दो भाभी का नंबर बंद है भैया भाभी दोनों का फोन बंद क्यों है मैं बहुत परेशान हूं रिंकू कहता है ठीक है मैं थोड़ी देर के बाद बात करता हूं और पूरा दिन यही कह कर डालता रहता है 12 दिसंबर को रिंकू की बहन का फोन आता है की मम्मी पापा दोनों का नंबर बंद क्यों है तो रिंकू कहता है बुआ भी बार-बार फोन कर रही है बात करने के लिए लेकिन मम्मी पापा का कहीं पता नहीं चल रहा है पता नहीं कहां चले गए हैं मैं उन्हें ढूंढने जा रहा हूं तुम भी मेरी मदद करो यह कहकर फोन काट देता है बहन जब फिर कॉल करती है तो नंबर ऑफ हो जाता है.
पुलिस को सूचना दी जाती है
12 दिसंबर 20 जाता है और रिंकू का नंबर भी बंद ही रहता है तो वंदना घबरा जाती है कि अभी तक माता-पिता का नंबर बंद था अब भाई का भी नंबर बंद हो गया यह अपने घर आती है तो घर पर कोई नहीं मिलता और दरवाजे पर ताला लगा होता है यह पुलिस चौकी जाकर फिर दर्ज करवाती है कि मेरे माता-पिता और भाई का कोई पता नहीं चल रहा और नंबर भी बंद है पुलिस फोन नंबर चेक करवाती है कॉल डिटेल निकाली जाती है लेकिन दो दिन तक कोई सुराग नहीं मिलता तीन दिन बाद अचानक रिंकू के फोन से कॉल आती है वह वंदना से पूछता है कि घर पर एक ताला लगा था तो यह दूसरा ताला किसने लगाया है अगर इसकी चाबी तुम्हारे पास है तो बताओ क्या पास ही है बहन रहती है हां चाबी मेरे पास ही है और वह जाती है चाबी देने तो पुलिस भी आ जाती है और रिंकू से पूछता है दो-तीन दिन से तुम्हारा नंबर बंद था तुम कहां थे.
रिंकू बार-बार कहानी बदल रहा था
तो वह बताता है साहब मैं बनारस के घाटों पर अपने माता-पिता को तलाश कर रहा था उनसे मेरा थोड़ा सा झगड़ा हो गया था तो पता नहीं वह नाराज होकर कहां चले गए मैं उन्हें ढूंढ रहा था पुलिस ने आगे बात पूछना शुरू किया पुलिस उसके मोबाइल के सर्विलांस डिटेल के हिसाब से सवाल कर रही थी तो वह कुछ अलग कहानी बताता हर बार उसकी कहानी बदल जाती पुलिस समझ गई यह झूठ बोल रहा है रिंकू से पुलिस शक्ति से पूछताछ शुरू करती है तो वह सारी कहानी बताता है.
रिंकू ने सारी सच्ची कहानी बताई
2019 में रिंकू ने बीटेक की पढ़ाई पूरी कर ली थी अब नौकरी के लिए इधर-उधर जा रहा था तो कोलकाता से 750 किलोमीटर दूर से फोन आता है की क्वालिटी इंजीनियर की जॉब है आपको करना है तो आ जाइए वह वहां चला जाता है और जॉब करने लगता है इसी बीच कोविद आ जाता है और लॉकडाउन लग जात जाता है जिससे वह वहीं फंस जाता है वहां पास में एक लड़की रहती है जो पार्लर का काम करती थी वह रिंकू से पूछता है तो रिंकू अपनी सारी परेशानी बताता है तो वह रिंकू की बहुत मदद करती है उसे खाना लाकर देती है उसे कपड़े धो देती है इसी तरह नजदीकियां बढ़ती जाती हैं और दोनों में प्रेम हो जाता है लड़की मुस्लिम और लड़का हिंदू था दोनों शादी करना चाहते हैं लड़की के घर वालों को कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन लड़का के घर वालों को यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था ना माता ना पिता और ना ही तीनों बहनें कोई भी इस रिश्ते से राजी नहीं थे
रिंकू ने मुस्लिम लड़की से लव मैरिज कर ली
पूरे परिवार ने साफ मना कर दिया कि मुस्लिम लड़की हमारे घर की बहू नहीं बनेगी लेकिन रिंकू अपनी बात पर अटल रहा और किसी की बात न मानी और प्रेम विवाह कर लेता है घर वाले इस शादी को नहीं मानते और बहू को घर में लाने से मना कर देते हैं कहते हैं आज से हमारा तुम्हारा संबंध खत्म लड़का कुछ दिनों बाद घर पर फोन करने लगता है और मिलने भी आता है लेकिन अपनी पत्नी को नहीं ला सकता था जब वह घर आता या कॉल करता तो घर वाले उसे ताना देते के तुम तो अब नमाज पढ़ने लगे होंगे उसने तुम्हें अपना धर्म सीखा ही दिया होगा उसने तुम्हें मीट खाना भी सिखा दिया होगा अब तो तुम मुसलमान भी बन जाओगे रिंकू उन लोगों को समझता कि नहीं उसने अपना धर्म छोड़ दिया अब हिंदू धर्म के सारे रीति रिवाज करती है घरवाली यह बात नहीं मानते समय बिता जाता है रिंकू को एक बेटी फिर एक बेटा होता है.
रिंकू के घरवाले पत्नी को तलाक देने का दबाव बनाते हैं
30 जून 2025 को रिंकू के पिता लोको पायलट की नौकरी से रिटायर हो जाते हैं और रिंकू को बुलाकर दबाव बनाते हैं कि अपनी पत्नी से तलाक ले लो और उसे छोड़कर यहां आ जाओ बार-बार उसे इसी बात के लिए कहा जा रहा था तो लड़के ने लड़की को सारी बात बताई कि घर वाले मुझे परेशान कर रहे हैं और दबाव बना रहे हैं तो लड़की रहती है कि तुम चले जाओ लेकिन मेरे और बच्चों का कोई व्यवस्था कर दो मेरे लिए 10 लाख जमा कर दो जिससे मैं पार्लर खोलकर अपने और बच्चों का पालन पोषण कर लूंगी यह बात रिंकू अपने घर वालों को बताता है तो मां बहने रहती हैं सब तुमने खुद किया है अब 10 लाख तुम दो इसी बात पर घर में झगड़ा होता रहता है.
रिंकू अपने घर वालों से 10 लाख की डिमांड कर रहा था
8 दिसंबर 2025 के शाम को रिंकू अपनी मां से पैसे की डिमांड कर रहा था लड़ाई बढ़ने लगती है तो मां ने रिंकू को धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया रिंकू मन से कहता है इस घर का मालिक मैं हूं तुम यह शायद भूल गई हो तो वह बताता है यह घर नाना ने दिया था और यह मुझे बचपन में मेरे नाम करके दिया था और मां को घर से बाहर धक्का देता है तो मां उसे कई थप्पड़ मारती है रिंकू का गुस्सा इतना बढ़ जाता है कि वह पास में रखें सिलबट्टी को उठाकर मां के सर पर ताकत से मारता है मैन जमीन पर गिरकर तड़पने लगती है फिर पिता आ जाते हैं यह देखकर पिता पुलिस को कॉल लगाने की कोशिश करते हैं 112 नंबर पर तो रिंकू पिता को भी वही बटा मारता है तो वह भी गिर जाते हैं वह ऊपर से आई लता है और अपनी मां के पैर काटना शुरु करता है यह देख पिता सीखने की कोशिश करते हैं तो रस्सी से गला दबाकर पिता को मार देता है.
रिंकू ने मुस्लिम पत्नी के लिए जिंदा मां को तीन टुकड़ों में काटकर नदी में फेंक दिया
मां अभी जिंदा थी पर चोट से ना बोल पा रही थी ना भाग सकती थी रिंकू ने मां के तीन टुकड़े किए पिता के भी तीन हिस्से किया 6 बोरों में अलग-अलग भरता है और आते भी अलग पॉलिथीन में भरता है यह करते हुए सुबह के 4:00 जाते हैं यह अपनी गाड़ी स्विफ्ट दजीरे में बोरी डिग्गी में भरता है और पानी रखना है और 8 किलोमीटर दूर घूमती नदी के बिलाव घाट से फेंक कर घर वापस आ जाता है तो जल्दबाजी में मां के पैर का एक हिस्सा छूट जाता है वह उसे जलालपुर के साइ नदी में फेंक देता है और घर की अच्छे से सफाई करता है यह सुनकर पुलिस भी दंग रह जाती है रिंकू यह बात कर के रो रहा था कि पता नहीं मैं ने ऐसे कैसे कर डाला मुझे कुछ होश नहीं है.
दोस्तों इस कहानी से हमें पता चलता है कि किसी को भी इतना टॉर्चर नहीं करना चाहिए कि वह अपना आप खोदे हर एक को समझ बूझ से काम लेना चाहिए और बच्चों को अपने मां-बाप के मर्जी से ही हर काम करना चाहिए दोस्तों स्वस्थ रहें सतर्क रहें और अपनी देखभाल खुद करें.


0 टिप्पणियाँ